संविधान दिवस पर सतनामी समाज ने प्रस्तावना का वाचन कर बाबा साहब के सपनों का भारत बनाने लिया संकल्प।
प्रगतिशील छ.ग. सतनामी समाज ने संविधान दिवस पर भारतीय संविधान व डा अंबेडकर को किया नमन्।
भूपेंद्र लहरे / एडिटर इन चीफ
सक्ती/ संविधान दिवस के मौके पर 26 नवंबर रविवार की शाम सक्ती विकासखंड में सतनामी समाज के प्रबुद्धजन प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के बैनर तले सक्ती नगर में स्टेशन रोड स्थित बाबा साहब डा अम्बेडकर की प्रतिमा स्थल पर इकट्ठा हुए। जहां सभी को भारतीय संविधान की आत्मा कहीं जाने वाली उसकी प्रस्तावना का वाचन कराया गया। इस मौके पर उपस्थित सतनामी समाज के प्रबुद्धजनों ने समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व, आपसी प्रेम व भाईचारा जैसे भारतीय संविधान के आदर्शो सहित संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात कर संविधान सम्मत जीवन व्यवहार करते हुए बाबा साहब के सपनों का भारत की परिकल्पना को साकार करने का संकल्प भी लिया। इस मौके पर बड़ी संख्या में उपस्थित समाज के प्रबुद्धजनों को संबोधित करते हुए जिला प्रवक्ता प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज व बहुजन मिशन के सिपाही उदय मधुकर ने कहा देश में बाबा साहब के लिखे समतामूलक भारतीय संविधान ने देश के विकास में जहां एक ओर अहम् भूमिका निभाई है तो वहीं अनेक जाति धर्म व सम्प्रदायों में बंटे लोगों के बीच आपसी प्रेम, भाईचारे, बंधुत्व की डोरी से बांध उनके अंदर राष्ट्रीय एकता की भावना का भी संचार किया है जिससे देश आंतरिक व बाह्य दृष्टिकोण से मजबूत बना है। श्री मधुकर ने आगे कहा हम सभी को बाबा साहब की सीख शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष की सीख को सच्चे मन से आत्मसात कर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। ब्लाक अध्यक्ष अमर सिंह जांगड़े ने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में बाबा साहब के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। उन्हें एक दलित नेता या भारतीय संविधान निर्माता के दायरे में बांधे रखना कतई उचित नहीं है। क्योंकि बाबा साहब ने तो इस देश को समता मूलक भारतीय संविधान देकर मानवीय मूल्यों को जिंदा किया है। इस मौके पर कार्यक्रम का सफल संचालन डी के कुर्रे व विजय खुंटे ने किया वहीं इस अवसर पर लक्ष्मन कोसरिया , गणेश राम, कैलाश कुर्रे, कमलेश सर, धीरहे सर, सहित उपस्थित समाज के प्रबुद्धजनों सहित बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर के अनुयायियों के समक्ष कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी -कर्मचारियों ने भी संबोधित किया और बाबासाहेब आंबेडकर के सपनों को साकार करने का संकल्प लिया।


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