17 दिसंबर 2020

धान खरीदी केन्द्रों में किसानों के धान की हो रही लूट भोलेभाले किसानों को लगाया जा रहा है चुना,क्योंकि चोरों का ही राज चल रहा है ।


 दिनाँक -16-12-2020

स्थान- जैजैपुर,हसौद


 गोविन्द चन्द्रा क्राइम रिपोर्टर


 धान खरीदी केन्द्रों में किसानों के धान की हो रही लूट भोलेभाले किसानों को लगाया जा रहा है चुना,क्योंकि चोरों का ही राज चल रहा है


 तय वजन से दो तीन  किलोअधिक ले रहे धान ,मना करने पर धान कहीं और बेचने को बोल रहे किसानों को


 इन दिनों किसानों की मजबूरियां बढ़ती ही जा रही हैं और उनके साथ अन्याय पर अन्याय बढ़ता ही चला जा रहा है, हाल फिलहाल पूरे प्रदेश और देश भर में किसानों द्वारा अपनी परेशानियों को लेकर जगह-जगह आंदोलन किया जा रहा है किंतु उनकी कोई भी परेशानियों का हल होना तो दूर बल्कि एक से एक नई परेशानियों का सामना उनको करना पड़ रहा है।

   ऐसे ही मामले में आज जब जैजैपुर क्षेत्र के कुछ धान खरीदी केंद्रों में पत्रकारों के द्वारा जाकर वहां पर धान खरीदी का हालचाल जाना गया तो यह पता चला कि वहां पर किसानों की धान में भी लूट जारी है वजन 40 किलो के स्थान पर कहीं-कहीं 41 किलो से लेकर 45 किलो तक धान केन्द्र  प्रभारियों और तौल प्रभारियों की मिलीभगत से किसानों से लिया जा रहा है।


किसानों से ज्यादा धान लिये जाने की आज तड़के कुछ किसानों के द्वारा सूचना दिये जाने पर कुछ पत्रकार जैजैपुर क्षेत्र के ग्राम तुषार और ओडे़केरा के धान खरीदी केंद्र पहुंचे हुए थे जहाँ वास्तविक में 41 किलो से भी अधिक धान तौल कर लिया जा रहा था।

 इस दौरान वहां के प्रभारियों ने पत्रकारों के साथ बदसलूकी भी की और उनको चोरों की तरह अंदर आते हो कह कर उनका अपमान भी किया जब किसानों ने पत्रकारों को यह बताया कि हमारे द्वारा सही माप में धान लो कहने पर ये लोग कहीं और धान बेचने या कहीं और तौलवालो कहकर धमकाया जाता है ,मजबूर किसान सबकुछ सहकर ज्यादा धान देने को मजबूर होते हैं जो आवाज उठाता है उसको या तो टोकन देर से मिलेगा या फ़िर बार बार घुमाया जाता है।

तुषार धान खरीदी केन्द्र के प्रभारी उदित चन्द्रा ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया लेकिन ओडे़केरा धान खरीदी केंद्र के प्रभारी विष्णु प्रसाद वैष्णव ने तो हद ही कर दिया और धान खरीदी में कुछ देर तक तौल भी रुकवा दिया गया और पत्रकारों को जो करना है कर लो कहते हुए अपशब्द भी कहे और बाईट देने से इंकार कर दिया।


  और ऐसा सिर्फ़ इसलिए हो रहा है क्योंकि इन जैसे लोगों पर शासन-प्रशासन किसी भी प्रकार का ठोस कदम नहीं उठाती है।


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