स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायत को मिलने वाली राशि के आहरण पर सीईओ ने रोक लगाई।
अकलतरा/ कमीशन खाने के लिए ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र मे अनधिकृत हस्तक्षेप से सरपंचो मे नाराजगी पनप रही है । मिली जानकारी के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन के तहत खर्च की जाने वाली राशि मे सीईओ। जनपद पंचायत अकलतरा सत्यव्रत तिवारी के द्वारा रोक लगा दी गयी है जिसके कारण सरपंच सचिव को स्वच्छ भारत मिशन के तहत होने वाले निर्माण कार्यों मे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । इस परेशानी से निजात पाने सचिव सरपंच सीईओ अकलतरा के चक्कर काट रहे है और चक्कर काटने से मुक्ति पाने उन्हे.सीईओ पर बडी धनराशि खर्च करनी पड़ रही है । इस मामले मे विडंबना यह है कि इस योजना मे हस्तक्षेप का अधिकार सीईओ जनपद पंचायत को नही होने के बावजूद अनधिकार रुप से स्वच्छ भारत मिशन के तहत होने वाले ने निर्माण व्यय पर रोक लगाया गया है और रोक हटाने के एवज मे पचास से एक लाख तक कमीशन ली जा रही है ।
नियमों कानूनों को अपने परिप्रेक्ष्य मे परिभाषित कर रहे अधिकारी
दरअसल सारा मामला यह है कि देश को खुले मे शौच मुक्त बनाने शौचालय निर्माण पर जोर दिया गया है और ग्राम पंचायत को शत प्रतिशत खुले मे शौचमुक्त करने तथा इस कार्य को गति देने 14 वे की राशि पर रोक लगाई गयी जिससे इस राशि का अधिकतम उपयोग स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण तथा इसके अंतर्गत होने वाले निर्माण कार्यों मे हो सके । इसके बाद यह रोक स्वतः ही हटा दी जानी चाहिए थी परंतु सीईओ अकलतरा सत्यव्रत तिवारी द्वारा यह रोक जानबूझकर नही हटाई गयी जिससे उन्हें इस मामले कमीशन खाने को मिल सके ।
केन्द्र सरकार द्वारा दिये अधिकार पर सीईओ का हस्तक्षेप
केन्द्र सरकार द्वारा ग्राम पंचायत निर्बाध गति से विकास के लिए मूलभूत तथा वित्त आयोग द्वारा भेजी जाने वाली राशि को जिला पंचायत और जनपद पंचायत से मुक्त रखा गया है जिससे ग्राम पंचायतो को बुनियादी आवश्यकताओं के लिए जनपद तथा जिला के.चक्कर न काटने पडे़ परंतु पूरे देश मे लालफीताशाही इतनी हावी है कि नियमो और कानूनों को दरकिनार रखते हुए अपने परिप्रेक्ष्य मे नियमो और कानूनों को परिभाषित किया जा रहा है । यह भी विदित हो को कि 14 वे के पहले तक पंचायतों को यह अधिकार नही था परंतु केन्द्र सरकार ने ग्राम पंचायत द्वारा लगातार शिकायत मिलने और ग्राम पंचायत का विकास इसी लालफीताशाही जिसे हम रिश्वतखोरी के नाम से भी जानते है ,से अवरुद्ध होने.के कारण सीधे इसका अधिकार सरपंच तथा सचिव को दिया गया तथा सरपंच के संयुक्त हस्ताक्षर से मूलभूत तथा वित्त आयोग द्वारा जारी राशि गांव के बुनियादी विकास मे खर्च करने का अधिकार दिया परंतु सरकार के ये अधिकारी ही सरकार के नियमो को अपने परिप्रेक्ष्य मे तोड़ मरोड़कर पेश कर रहे है ऐसे मे सरकार की जनकल्याणकारी राज्य की मंशा केवल स्कूल और कालेजो मे के पाठ्यक्रमो मे पढाने के लिए रह जाये ।
स्वच्छ भारत मिशन की राशि सीधे ग्राम पंचायत को जाती है । इसमे जनपद पंचायत को रोक लगाने का कोई अधिकार नही है । मै इस मामले को देखता हूँ ।
गजेंद्र सिंह ठाकुर , सीईओ
जिला पंचायत जांजगीर
यह गलत खबर है । मेरे द्वारा स्वच्छ भारत मिशन मे.किसी तरह की कोई रोक नही लगाई गयी है । आप बैंक आफ बडौदा जहां ग्राम पंचायत का अधिकांश खाता है , वहां पता कर सकते है
सत्यव्रत तिवारी सीईओ
जनपद पंचायत अकलतरा


0 comments: