महाविद्यालय उत्तर पुस्तिका जांच करने में दो प्राचार्यो का अलग अलग बयान।
शासकीय कॉलेज मालखरौदा का बयान सही लगा,जबकि प्राइवेट कॉलेज हसौद का बयान विचारणीय है ?
जांजगीर समाचार अटल बिहारी बाजपेई विश्वविद्यालय ने परीक्षा मूल्यांकन एवं उत्तर पुस्तिका वितरण एवं संग्रहण के संबंध में नए निर्देश जारी किए । मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर विश्वविद्यालय ने कोविद 19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए नए निर्देश 18 सितंबर को जारी किए हैं जिसमे स्पष्ट निर्देश है कि बिलासपुर विश्वविद्यालय के अधीन सभी महाविद्यालयों में उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण एवं संग्रहण आगामी आदेश तक बंद किया जाएगा । इसके पूर्व उत्तर पुस्तिका का वितरण महाविद्यालयों द्वारा छात्र छात्राओं को किया जा रहा था परंतु महाविद्यालयों में परीक्षार्थियों की बढ़ती भीड़ एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना होने के संबंधी खबरो के आने के बाद बिलासपुर विश्वविद्यालय ने अपने नये निर्देश दिए गए हैं और इसका सख्ती से पालन के निर्देश दिए गए हैं जिसके अंतर्गत 18 सितंबर के बाद होने वाली परीक्षाओं के लिए उत्तर पुस्तिका का वितरण अब महाविद्यालय के द्वारा जारी पोर्टल से परीक्षार्थी उत्तर पुस्तिका डाउनलोड कर प्राप्त कर सकते हैं । इसके साथ ही महाविद्यालय के व्हाट्सएप नंबर से भी उत्तर पुस्तिका का प्रथम पृष्ठ डाउनलोड कर 32 पेज की उत्तर पुस्तिका प्राप्त कर परीक्षार्थी परीक्षा दे सकते हैं । साथ ही उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन के लिए महाविद्यालयों के प्राचार्य अपने महाविद्यालय के पात्र प्राध्यापक से कराने के निर्देश भी दिए गए हैं ।बिलासपुर विश्वविद्यालय ने यह भी निर्देश दिए गए की महाविद्यालय में पात्र शिक्षक ना होने की दशा में उत्तर पुस्तिका अग्रणी महाविद्यालय टीसीएल कॉलेज जांजगीर को भेजी जायेगी।
अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय के जारी निर्देश में कहा गया है कि पात्र शिक्षक ही उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन कर सकेंगे । अब यहां प्रश्न यह उठता है कि अटल बिहारी बाजपाई यूनिवर्सिटी के अंतर्गत दूरस्थ अंचलों में बसे अनेक ऐसे शासकीय और निजी महाविद्यालय हैं जिनमें अतिथि प्राध्यापकों के द्वारा अध्यापन कार्य किया जाता है और निजी महाविद्यालयों में इसी तरह अध्यापन कराया जा रहा है । इस वर्ष कोविड-19 को देखते हुए महाविद्यालय में पढ़ाई नहीं हो रही है अतः अतिथि प्राध्यापकों की भर्ती भी नहीं हुई है तो इस दशा में महाविद्यालय के प्राचार्यो के द्वारा परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन का कार्य कैसे कराया जा सकेगा । बिलासपुर विश्वविद्यालय ने अपने निर्देश में लिखा है कि पात्र शिक्षकों के द्वारा ही मूल्यांकन कार्य कराया जाए ।अब यहां पात्र शिक्षकों से तात्पर्य क्या केवल नियमित प्राध्यापकों से है या अतिथि शिक्षक जो सहायक अध्यापक की पात्रता भी रखते हैं अर्थात जिन्होंने नेट सेट या पीएचडी की है । कई निजी महाविद्यालय में नेट सेट या पीएचडी प्राध्यापक ना मिलने पर केवल एम ए या एमएससी किए हुए शिक्षक ही पढ़ा रहे हैं तो क्या ऐसी दशा में केवल एमएससी उत्तीर्ण शिक्षक उत्तर पुस्तिका की जांच कर सकेंगे ।
हमने दो महाविद्यालय के प्रिंसिपल से बयान लिये तो शासकीय महाविद्यालय के प्रिंसीपल मेडम जी का बयान ठीक लगा वही प्राइवेट महाविद्यालय के प्रिंसिपल का अलका साहू जी हसौद का बयान उचित नहीं लगा ।
उमानंदनी जायसवाल
प्रभारी प्रिंसिपल महाविद्यालय शा.वेदराम महाविद्यालय मालखरौदा
उत्तर पुस्तिका की जांच केवल नियमित प्राध्यापको से करायी जायेगी। अगर कालेज मे नियमित प्राध्यपक नही है तो उत्तर पुस्तिका डभरा या अन्य कालेज के नियमित प्राध्यापक के पास जांच के पास भेजा जायेगा।
प्रभारी प्रिंसिपल शा. महाविद्यालय मालखरौदा
डा.अलका साहू
आर के एल कालेज हसौद



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