त्रिरत्न बौद्ध महासंघ मालखरौदा इकाई के मित्रों ने बूढी दादी पार्वती सतनामी और उसके दो नातियों को 50 किलो चावल एवं दाल सब्जी साबुन सर्फ सहित नए वस्त्र भेंट किया।
बरगद की छाया में जीवन कट रहा था सामाजिक जनों ने घर बनाकर दिया।
मालखरौदा :- सक्ति जिले का ऐसा ग्राम पंचायत परसाडीह जो मालखरौदा जनपद पंचायत के अंतर्गत आता है जहाँ बूढी पार्वती अजगल्ले दादी को शासन के बुनियादी सुविधाओं का आभाव है, बूढी दादी अपने दो छोटे छोटे नाती के साथ बरगद पेड़ के नीचे जीवन यापन गुजारने को मजबूर हैं बरगद की छाया में अपनी जीवन गुजार रहे बूढी दादी पार्वती अजगल्ले का न तो घर था रहने के लिए न ही खाने पीने और पहनने के लिए कोई सुविधा उपलब्ध था यहाँ तक की इस अति गरीब दादी पार्वती का ग्राम पंचायत ने नाही राशन कार्ड बनाए हैं और न पेंशन, फिर भी अपने दो नाती राकेश, व् राजेश अजगल्ले की देख रेख करते हुए जीवन गुजार रही है पार्वती की बेटे बहु और पति ईंट भट्ठा में काम करने कई सालों से बाहर में हैं और इनका देख रेख आसपास के पडोसी करते हैं छोटे छोटे नाती ही अपनी दादी की सेवा कर रहें हैं यु कहें कि दादी नातियों को देख कर जी रही है और नाती अपनी दादी के सहारे हैं, इन बच्चों के माता पिता और दादा को इनकी कोई चिंता ही नही हैं यहाँ तक कि इनके लिये न तो रूपये पैसे खर्च के लिए भेजते हैं नाही कपड़ा लस्ता भेजा जाता है, जब इस गरीब परिवार के बारे में सतनामी समाज के सामाजिक कार्यकर्ताओं को पता चला तो समाज के लोगों ने एक जुट होकर तत्काल इनके लिए घर बना दिए जिसकी कल्पना इन बच्चों के माता पिता ने नहीँ किया होगा वह सुविधा सामाजिक जनों ने इन्हें उपलब्ध कराया। इसी कड़ी 30 मई 2023 को मालखरौदा ब्लाक इकाई जिला सक्ति के त्रिरत्न बौद्ध महासंघ साखा मालखरौदा के धम्म मित्रों ने ग्राम परसाडीह पहुँचकर अति गरीब बूढी दादी पार्वती के हाल चाल जानने चले गए जिसमें, त्रिरत्न बौद्ध महासंघ के मालखरौदा साखा के संचालक डॉ.जी.आर.जांगड़े मालखरौदा, डॉ.परमेश्वर लहरे छोटे सीपत, डॉ.किशन लक्ष्मी सुखापाली डभरा, व् पत्रकार भूपेंद्र लहरे भडोरा के द्वारा बूढी दादी पार्वती व् बच्चों को पहनने के लिए वस्त्र भेंट किया खाने पीने के लिए एक कट्टा चावल व् दाल सब्जी व् कुछ रूपये प्रदान किया गया वहीँ डॉ.परमेश्वर लहरे द्वारा दादी की स्वस्थ्य परीक्षण किये बीपी शुगर चेकअप किये एवं विटामिन्स व् दर्द निवारण दवाई भी दिया गया है, सतनामी समाज एक बड़ा समाज होने के साथ साथ बड़ा दयालु समाज है यह समाज अन्य समाज का दुःख देख नहीँ सकता और मदद करता है तो अपने समाज के दुःख को कैसे देख सकेगा, इसी कारण सामाजिक जनों के द्वारा बूढी माँ पार्वती की हर संभव मदद करने के लिए आगे आ चुके हैं, त्रिरत्न बौद्ध महासंघ के मालखरौदा डभरा के मित्रों ने कहा कि पार्वती माँ आपके बच्चे भले ही आपके मदद न करते हो पर हम भी आपके बच्चें हैं हमसे जो बन सकता है हम आपकी मदद करते रहेंगे।




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