25 जनवरी 2021

आखिरकार शासन प्रशासन राज कुमार चन्द्रा के आगे झुकी,सलनी सरपंच की दादागिरी नही चली,सत्य की हुई जीत।


 आखिरकार शासन प्रशासन राज कुमार चन्द्रा के आगे झुकी,सलनी सरपंच की दादागिरी नही चली,सत्य की हुई जीत।



जैजैपूर के ग्राम पंचायत सलनी सरपंच की दबंगई काम नही आई ,दरसल भूख हड़ताल पर बैठे राज कुमार चन्द्रा सलनी वाले की तबियत आज दिनांक 25 जनवरी 20 को चौथे दिन बिगड़ने लगी थी,जिससे जैजैपूर के आला अधिकारी समझाइस देने पहुँचे,मगर हड़ताली चन्द्रा नही  माने तो अधिकारियों द्वारा बल पूर्वक उठाकर ले गए,फिर भी राज कुमार चन्द्रा भूख हड़ताल नही तोड़े तो आखिरकार प्रशासन झुकी और चबूतरा निर्माण कार्य पर रोक लगा दिए, ग्राम पंचायत सरपंच को निर्माण कार्य करने से रोक लगा दिया गया है,तब कही जेक राज कुमार चन्द्रा ने हड़ताल तोडा।



जैजैपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत सलनी मे भूख हड़ताल के चौथे दिन आज जैजैपुर नायाब तहसीलदार चंद्रशिला जायसवाल तथा जैजैपुर थाना प्रभारी तेज कुमार यादव ग्राम पंचायत सलनी राज कुमार चंद्रा के धरना स्थल पर पहुंचे । मिली जानकारी के अनुसार भूख हड़ताल के चौथे दिन राजकुमार चंद्रा की हालत बिगड़ने लगी है जिसकी सूचना अखबारों एवं टीवी चैनलों के माध्यम से प्रशासन के आला अधिकारियों तक पहुंची तब.उन्होंने ग्राम पंचायत सलनी का रुख किया। ग्राम पंचायत सलनी पहुंचकर तहसीलदार तथा टीआई थाना प्रभारी जैजैपुर ने राजकुमार चंद्रा को समझाइश दी कि वे अपनी भूख हड़ताल तोड़ दें , अन्यथा ने बल प्रयोग करना पड़ेगा । जब राजकुमार चंदा ने अपनी भूख हड़ताल पर डटे रहने का निश्चय किया तो उन्हें तहसीलदार के द्वारा जबरदस्ती यह लाया गया है और समझाइश दी जा रही है। विदित हो कि राजकुमार चंदा ने भूख हड़ताल की सूचना सभी विभागों में दी थी बावजूद इसके 2 दिनों तक कोई भी शासन प्रशासन का अधिकारी नहीं पहुंचा । आज जब चौथे दिन उनकी हालत बिगड़ने लगी प्रशासन पर बैठे अधिकारियों को उनकी चिंता हुई और उनका भूख हड़ताल तुडवाने पहुंच गए परंतु राजकुमार चंद्रा ने कहा है कि जब तक निष्पक्ष जांच नही होगी तब तक वे भूख हड़ताल पर डटे रहने का निश्चय किया है ।   एसडीएम शक्ति कोे जब इस बाबत  सूचना दी गई तब उन्होंने कह दिया था कि यह मामला तहसीलदार और पटवारी का है क्या एस डी एम.सक्ती का ऐसा कहना न्यायोचित जान पड़ता है। क्या भूख हड़ताल पर बैठे हुए व्यक्ति को इस तरह की बातें प्रशासन के उच्च सोपान पर बैठे व्यक्ति को शोभा देती हैं । भूख हडताल की सूचना पर सूचना दिए जाने के बावजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैजैपुर से कोई डॉक्टर या स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी कर्मचारी नहीं पहुंच रहा था । जब राजकुमार चंद्रा की हालत बिगड़ने लगी तब आज स्वास्थ विभाग , तहसील विभाग और पुलिस विभाग के सभी आला अधिकारी उन तक पहुंच रहे हैं ।  अब यह बात जैजैपुर से निकल कर जिला और जिले से भी निकल कर अन्य जिलो तक पहुंच गयीे हैं । अब हो सकता है कि जांजगीर जिला के अधिकारियों को इस भूख हड़ताल की गूंज सुनाई दी तो शासन झुकी।


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