07 दिसंबर 2022

किशोरावस्था के बच्चों को एच आई वी एड्स संक्रमण के बारे में जागरूक होना अत्यंत आवश्यक - प्राचार्य श्वेता शुक्ला ।


 किशोरावस्था के बच्चों को एच आई वी एड्स संक्रमण के बारे में जागरूक होना अत्यंत आवश्यक - प्राचार्य श्वेता शुक्ला ।


स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बम्हनीडीह में बच्चों को एचआईवी और एड्स के बारे में जानकारी दिया गया।  जिसके लिए                                        संस्था के प्राचार्य श्रीमती श्वेता शुक्ला के मार्गदर्शन में चांपा से संचालित एन. जी. ओ. ग्राम मित्र समाज सेवी संस्था से आए हुए श्री संतोष देवांगन, सदस्य बाल कल्याण समिति जांजगीर चांपा , श्री डोल नारायण पटेल ( प्रोजेक्ट मैनेजर) ग्राम मित्र समाज सेवी संस्था  ने बच्चों को एचआईवी एवं एड्स के बारे में बहुत ही रोचक जानकारी दी गई । एचआईवी कैसे फैलता है किन किन कारणों से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को संक्रमण होता है। मूलतः चार कारण है जिनके द्वारा एचआईवी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। पहला एच आई वी संक्रमित सुई सिरिंज का साझा प्रयोग ।दूसरा एच आई वी संक्रमित ब्लड से, तीसरा एच आई वी संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध से चौथा एच आई वी संक्रमित माँ से होने वाले बच्चे को ।इसी कड़ी में श्री संतोष देवांगन जी ने बताया कि एच आई वी हवा में नही फैलता बल्कि यह केवल ब्लड के माध्यम से फैलता है।  बताया गया कि हमें संकोच किए बिना एचआईवी और एड्स का चेकअप कराना चाहिए और अधिक जानकारी के लिए उन्होंने टोल फ्री नंबर 1097 के बारे में जानकारी दिया जिसमें व्यक्ति एचआई वी और एड्स के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है। एचआईवी और एड्स संक्रमित व्यक्ति की जानकारी को गोपनीय रखा जाता है। जिले में एच आई वी स्क्रीमिंग टेस्ट केवल 6 जगह में ही होता है। जिसमे एक सी एच् सी बम्हनीडीह भी है प्राचार्य ने बच्चों को जागरूक करते हुए बताया कि शादी से पहले मेडिकल चेकअप कराना बहुत जरूरी है नही तो इससे तीन जिंदगियां बर्बाद हो जाती है । डोल नारायण पटेल जी ने बताया कि  यदि कोई अनाथ बच्चा है या जिन बच्चों का लालन-पालन उनके अभिभावक द्वारा नहीं किया जा सकता उन बच्चों को आई सी पी एस द्वारा सभी सुविधाएं प्रदान की जाती है साथ ही साथ ऐसे बच्चे हैं जो भिक्षावृत्ति में संलग्न है उन बच्चों को का सहायता करने के लिए टोल फ्री नंबर 1098 में जानकारी देकर उनकी सहायता की जा सकती है इसके साथ साथ शासन द्वारा कई प्रकार के शारीरिक शोषण को रोकने के लिए जो पास्को एक्ट बनाए गए हैं उनके बारे में जानकारी दिया गया अंत मे कक्षा 11 व 12 के छात्र छात्राओं द्वारा NGO तथा प्रचार्य को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह की जानकारी उन्हें कोई नही देता न घर मे न समाज मे । प्राचार्य ने बच्चो के उम्र के इस पड़ाव को देखते हुए जहा से भटकाव सुरु होता है इस तरह की जानकारी देना जरूरी समझते हुए इस सेमिनार का आयोजन NGO ग्राम मित्र समाज सेवी संस्था द्वारा करवाया।  इस कार्यक्रम में संस्था के शिक्षक राम चन्द्र राजपूत ,अंकिता चौधरी प्रियंका ,विनीता कवर  शिक्षिकाएं उपस्थित थे।


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