25 जनवरी 2022

ग्राम पंचायत बड़े सीपत के प्रभारी सचिव महेंद्र सिंह चन्द्रा द्वारा प्रभार लेते ही लाखो रूपये का किया भ्रष्टचार,आर टी आई से हुआ खुलासा।


 ग्राम पंचायत बड़े सीपत के प्रभारी सचिव महेंद्र सिंह चन्द्रा द्वारा प्रभार लेते ही लाखो रूपये का किया भ्रष्टचार,आर टी आई से हुआ खुलासा।

                 (सचिव महेन्द्र सिंह चन्द्रा)

पंचायत मुख्यालय दिवस से भी रहते हैं नदारत,लगा रहता है पंचायत भवन में ताला।



आर टी आई कार्यकर्ता भूपेन्द्र लहरे ने मांगी थी जानकारी।



आधी अधूरी जानकारी दी गई है फिर भी इतना भ्रष्टचार तो पूरी जानकारी में कितना किया गया होगा फर्जी काम।


मालखरौदा / जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत बड़े सीपत के प्रभारी सचिव महेन्द्र सिंह चन्द्रा के द्वारा बड़े सीपत में भारी मात्रा में भ्रष्टचार किया गया है जो आर टी आई के द्वारा उजागर हुआ,सचिव के तानाशाही रवैये से ग्रामवासी परेशान हैं,मिली जानकारी के अनुसार प्रभारी सचिव के प्रभार लेते ही बिना पंचायत प्रस्ताव पास के कार्यालय पंचायत भवन को ताला लगाकर अपने निजी फायदे के लिए सरपंच के घर के सामने मंगल भवन को ही पंचायत भवन कार्यालय स्थापित किया गया है जो की गांव के बीच में नही होने से ग्रामीणों को कई परेशानी होती है,मेन पंचायत भवन गांव के बीचों बीच बाजार चौक में संचालित होता रहा है,किंतु सरपंच को निजी फायदा पहुँचाने के लिए मंगल भवन को कार्यालय बनाकर रखा है, इस प्रकार का कृत्य किया गया है जो निंदनीय है,सचिव महेन्द्र सिंह चन्द्रा जो की ग्राम पंचायत बड़े सीपत से 20 किलो मीटर की दुरी से तय करते हुए आते जाते हैं,जबकि मेन सचिवालय ग्राम मरघटी है,शासन के गाइड लाइन के अनुसार 12 किलो मीटर की दुरी पंचायत के सचिव का प्रभार होते हैं जोकि इसके विपरीत महेन्द्र चन्द्रा का हुआ है जिससे जनपद पंचायत के उच्चधिकारियों के सह पर नियम विरुद्ध कार्य हो रहा है,पंचायत भवन बड़े सीपत में हमेशा ताला जड़ा हुआ रहता है, सचिव को फोन लगाने पर उल्टा सीधा बात करने के साथ साथ धमकी तक देते हैं कहते है मेरे रिस्ते बड़े बड़े जनप्रतिनिधि नेताओ से है जाओ क्या करना है करो मैं तुम्हारे जैसे पत्रकारों को नही डरता हूँ जो करना है करो ज्यादा तिगडंम बाजी न करना वरना तुम्हारी खैर नही इस तरह की धमकी दी जाती है।

सचिव से सुचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जानकारी मांगी गई थी तो सचिव महेन्द्र सिंह चन्द्रा के द्वारा जानकारी आधी अधूरी दिया गया है,इस आधी अधूरी जानकारी को पूर्ण जानकारी क्यों नही दिए कहकर जब सचिव को फोन किया गया तो सचिव द्वारा उल्टा पुल्टा जवाब देते हुए धमकी भरे बातें कहने लगा और फोन काट दिए,हमने सचिव के बातों को नजर अंदाज करते हुए दुबारा फोन लगाने की कोशिश किये तो सचिव ने फोन ही नही उठाया तो यह जनसूचना अधिकारी कर रहे हैं, आपको बता दे इसी आधी अधूरी जानकारी में सचिव द्वारा लाखों रुपये का भ्रष्टचार किया हुआ उजगार हो रहा है।

जैसे कि - (1) बोर खनन,क्रेसिंग ,सफाई कार्य,08 जुलाई 2021 माह में 15 वे वित्त से कही नही हुआ है,फर्जी शो करके राशि मुकेश टेडर्स को राशि 125000/ रु.भुगतान किया गया है बोर खनन कहा पर किया गया है स्थान स्प्ष्ट नही है।

(2) दिनांक 24/08/2021 को फिर बोर खनन कार्य के नाम पर राशि 100000/ अनूप बोर वेल्स को भुगतान हुआ है।

(3) दिनांक 03/08/2021 को पम्प मरम्मत कार्य के नाम पर राशि 21429 गजेंद्र साहू को दिया गया है।

(4) दिनांक 23/08/2021 को मोटर पम्प मरम्मत कार्य के नाम पर राशि 38500/,फिर इसी तारिक को मोटर पम्प मरम्मत कार्य के नाम पर राशि 38300/ फर्जी तरीके से आहरण किया गया है, वही दिनांक 04/10/2021 मोटर पम्प मरम्मत कार्य राशि 10000/ कुल मिलाकर एक माह में राशि 108229/ एक लाख आठ हजार दो सौ उन्तीस रूपये का फर्जी तरीके से निकाल गया है यह दिनांक 23/08/2021 से दिनांक 04/10/2021 तक एक ही माह में किया गया है ।

सोचनीय है सचिव महेंद्र सिंह चन्द्रा के द्वारा दिनांक 24/08/2021 को ग्राम बड़े सीपत में 15वे वित्त से सड़क मुरुमीकरण (जीरा गिट्टी डस्ट) लगाया गया है उल्लेख ही नही है फर्म रतन टेडर्स को भुगतान किया गया है दर्शाया गया है राशि 80000/ जबकि मुरुमीकरण कार्य मजदूर से कराकर भुगतान होना चाहिए था, जीरा गिट्टी,डस्ट क्रेशर उद्योग को भगतान किया जाना था सड़क कहा से कहाँ तक बना है उसका भी उल्लेख नही है इससे साफ साफ स्प्ष्ट पता चलता है कि फर्जी राशि आहरण किया गया है ऐसे भ्रष्टचार सचिव महेंद्र सिंह चन्द्रा को निलंबित कर उसके द्वारा किये गए कार्य की जाँच किया जावें।


↪️ वर्जन ↩️

आर टी आई कार्यकर्ता भूपेन्द्र घृतलहरे↩️


मेरे द्वारा लगाए गये सूचना के अधिकार कानून 2005 के तहत जानकारी मांगी गई थी जिसकी जानकारी सचिव महेन्द्र सिंह चन्द्रा ने आधी अधूरी दी गई है,और आधी अधूरी जानकारी में ही लाखों रुपए का भ्रष्टचार उजागर हुआ है इस बारे में सीईओ साहब से फोन के माध्यम से अवगत कराने की कोशिश किया पर सीईओ साहब कॉल रिसीव नही किये,और सचिव से बात किये आपके द्वारा आधी अधूरी जानकारी दी गई है तो सचिव उल्टा धमकाने लगे जाओ क्या करना है कर लो और आर टी आई लगावो हम जानकारी देंगे या नही देगें हमारी मर्जी,इस तरह का भ्रष्टचार तो पंचायत सचिव द्वारा किये जा रहें हैं इन जैसे सचिव को जल्द निलंबित किया जाना चाहिए।


Share This

0 comments: