जिन्दगी का तजुर्बा सिख रहा हूं,नई और पुरानी यादें लिख रहा हूं।
नव वर्ष 2022 Happy new year
भूमि एक्सप्रेस न्यूज टीम की ओर से एक संपादकीय लेख नव वर्ष पर संपादक की कलम से
जिन्दगी का तजुर्बा सिखता जा रहा हूं,कुछ कुछ पुरानी यादें और कुछ नई तजुर्बा लिखता जा रहा हूं,किसी के लिए अपना हूं किसी के लिये पराया,किसी का मित्र हूं तो किसी का दुश्मन,किसी के दिल में हूं तो किसी के दिमाग में मगर हूं सबके करीब,कोई मुझे ढूंढ रहा है तो मैं किसी को,है इस जिन्दगी के गजब खेल निराले।।
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जिन्दगी का एक और वर्ष कम हो चला,कुछ पुरानी यादें पीछे छोड़ चला...कुछ ख्वाहिशें दिल में रह गई...कुछ बिन मांगे मिल गई...कुछ अपने छोड़कर चले गए...कुछ नए जुड़ेंगे इस नए साल के सफर में...कुछ मुझसे बहुत खफा हुए हैं...कुछ मुझसे बहुत खुश हुए...वैसे हर किसी के मन मुताबिक खरा तो उतर नही सकता...कुछ मुझसे मिलकर भूल गए तो कुछ आज भी याद करते हैं...कुछ अनजान हैं तो कुछ परेशान हैं...कुछ मेरा इंतजार करते हैं तो कुछ का हम इंतजार करते हैं...कुछ लोगो के लिये मैं सही लगता हूं तो कुछ लोगों के लिए गलत...कुछ गलती लगे तो माफ़ करिये और कुछ सही लगे तो याद करिये...कुछ कहेंगे ठीक है यह इंसान जनहित का काम करता है...कुछ कहेंगे अत्याधिक परेशान करता है...वैसे कोई कुछ भी कहे रहता हूं सबकी सीने में...।।
आपका अपना
संपादक भूमि एक्सप्रेस न्यूज छग व् सियासत राजनीती साप्ताहिक अख़बार जिला सवांददाता -जांजगीर- चाम्पा -सक्ति
भूपेन्द्र घृतलहरे सतनामी
निष्पक्षवादी मीडिया टीम छत्तीसगढ़ भारत

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