07 जनवरी 2022

प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी 12 जनवरी को मौलिक अधिकार रैली निकालेंगे-लंबित महंगाई भत्ता एवं गृह भाड़ा भत्ता कर्मचारियों का मौलिक अधिकार है।


 प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी 12 जनवरी को मौलिक अधिकार रैली निकालेंगे-लंबित महंगाई भत्ता एवं गृह भाड़ा भत्ता कर्मचारियों का मौलिक अधिकार है।



छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मान्यता प्राप्त एवं पंजीकृत कर्मचारी संगठनों का प्रतिनिधि संगठन छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन -



(छत्तीसगढ़ शासन द्वारा रजिस्टर्ड) (पंजीयन क्रमांक- 122202017067 रायपुर, दिनांक 16/01/2020)


जिला ईकाई - सक्ती (छ.ग.)


प्रदेश संयोजक कमल वर्मा


संरक्षक


श्री रमेश तिवारी


श्री विजय बहादुर सिंह श्री भोलाशंकर तिवारी


जिला संयोजक


श्री राधेलाल भारद्वाज


तहसील संयोजक


श्री राधेश्याम साहू


प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी 12 जनवरी को मौलिक अधिकार रैली निकालेंगे-लंबित महंगाई भत्ता एवं गृह भाड़ा भत्ता कर्मचारियों का मौलिक अधिकार है


सक्ति/ प्रेस वार्ता-

 छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन से संबंधित सभी संगठन पूर्व में लंबित महंगाई भत्ता सहित 14 सूत्री मांगों की ओर शासन का ध्यान आकृष्ट करने हेतु 3 सितंबर 2021 को सामूहिक अवकाश लेकर प्रांत व्यापी एकदिवसीय आंदोलन किए थे। आंदोलन की सफलता के बाद मुख्यमंत्री द्वारा दूसरे ही दिन फेडरेशन प्रतिनिधियों से चर्चा कर 5% महंगाई भत्ता 1 जुलाई 2019 से देने का निर्णय लिया था। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक राधेलाल भारद्वाज ने बताया है कि प्रदेश के कर्मचारी आज भी केंद्रीय कर्मचारियों, विद्युत मंडल एवं विश्वविद्यालय के कर्मचारियों से 14% महंगाई भत्ता पीछे है। इन संस्थाओं में 31% महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि राज्य के शासकीय सेवकों को मात्र 17% भगाई भत्ता मिल रहा है। प्रदेश के शासकीय सेवकों को आज भी छठे वेतनमान की दर पर गृह भाड़ा भत्ता मिल रहा है जबकि केंद्रीय कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के दर पर गृह भाड़ा भत्ता मिल रहा है। राज्य सरकार के वित्त विभाग ने प्रदेश के सेवानिवृत्त पेंशनरों का 27 माह का एरियस डकार दिया है क्योंकि प्रदेश के शासकीय सेवकों का महंगाई भत्ता एवं गृह भाड़ा भत्ता मौलिक अधिकार है इसलिए 12 जनवरी को भोजन अवकाश में मौलिक अधिकार रैली निकाल कर जिला तहसील विकास खंडों में मुख्यमंत्री को संबोधित कलेक्टरों एवं अनुविभागीय अधिकारियों व तहसीलदारों को छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले मांग पत्र सौंपा जावेगा प्रदेश में कोरोना के विकराल रूप को देखते हुए हजारों दिवंगत परिजनों शासकीय सेवकों को दे 50,000 मानदेय भी आज तक भुगतान नहीं हुआ है ज्ञातव्य है कि 14 सूत्री मांगों के लिए किए गए आंदोलन के परिपेक्ष में श्री मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है वेतन विसंगति एवं अन्य मांगों को कुमेटी के समक्ष प्रस्तुत भी किया गया है किंतु विलंब से लिया गया न्याय अन्याय की श्रेणी में आता है अस्तु युवा कमेटी समय सीमा में प्रदेश के शासकीय सेवकों के लंबित मांगों पर उचित प्रतिवेदन राज्य सरकार को शीघ्र प्रस्तुत करें तभी कर्मचारियों का हित संवर्धन होगा अन्यथा अनचाहे मन से अंतिम शस्त्र के रूप में आंदोलन ही एक मार्ग बचता है जो करने के लिए बाध्य होंगे।


Share This

0 comments: