13 दिसंबर 2021

दिन दहाड़े भुतहा सरपंच की हत्या,तो उसी रात्रि को भडोरा के पत्रकार भूपेन्द्र लहरे को जान से मारने की धमकी शराब कोचिये ने दी।


 दिन दहाड़े भुतहा सरपंच की हत्या,तो उसी रात्रि को भडोरा के पत्रकार भूपेन्द्र लहरे को जान से मारने की धमकी शराब कोचिये ने दी।


मालखरौदा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत भुतहा सरपंच की पीटपीट कर हत्या दिन दहाड़े बेजाकब्जा धारियों ने कर दिया तो उसी रात्रि को 

ग्राम भडोरा में शराब कोचिये ने पत्रकार भूपेन्द्र लहरे को पिस्टल से जान सहित मारने की धमकी दिया है पत्रकार की जान जोखिम में है।


         (नरेश लहरे शराब तस्कर पत्रकार को जान से मारने की धमकी देने वाला )

   


शासन प्रशासन पत्रकारो और सरपंचो को भी विधायको की तरह सुरक्षा गार्ड मुहैया करवाए।



गुरु घासीदास जयंती मानाने को लेकर सामाजिक बैठक में रात्रि 8 बजे पहुँचे थे पत्रकार भूपेन्द्र लहरे,उक्त बैठक में शराब कोचिये भी शराब पीकर गया था,जयंती मनाने के विषय में चर्चा न करते हुए शराब कोचिये ने पत्रकार को उल्टा गाली गलौज और धमकाना शुरू कर दिया सारे लोगो के बीच बोला मेरे पिता के बारे में पेपर छापे हो कहकर,हम लोग कोई  भी धन्धा पानी (शराब) बेच करके बड़े आदमी बन रहें हैं तो तुम्हें जलन हो रही है कहकर धमकाने लगा उक्त घटना के वक्त सारे सामाजिक लोग उपस्थित थे,पत्रकार ने उक्त ब्यक्ति को समझाने की कोशिश किया मगर वह नही माने,यह ब्यक्ति ग्राम के कई लोगो के बीच पत्रकार के बारे में जान से मारने की बात बोल चूका है होसो हवास में भी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जो अब मौका देखकर सामने धमकाने लगा है इसके पिता बोधराम लहरे भी धमका चूका है दोनों बाप बेटे मिलकर शराब बेचने का काम करते हैं,पत्रकार ने इस पर रोक लगाने के लिए खबर प्रकाशन किया था,और उस खबर को मालखरौदा थाना के पूर्व टी आई कमल किशोर महतो को वाट्सप करके जानकारी दी गई थी जिस पर टी आई ने कोई कार्यवाही नही किया,अब कोई कार्यवाही न होने से शराब कोचिये लोगो का हौसले बुलंद हो गए हैं इसलिये अब पत्रकार हो या सरपंच सबको आपराधिक घटनाओं में लिप्त लोग खुलेआम धमकी देने और हत्या कर रहे हैं,उक्त घटना ग्राम पंचायत भडोरा ग्राम भडोरा में जैतखाम स्थित भद्रीपारा में हुआ है पत्रकार के साथ,आपको बता दे गुरु घासीदास जयंती मनाने के एवज में दिनांक 12/12/2021 को रात्रि 8 बजे बैठक आयोजित किया गया था एवं सभी सतनामी पहुँचे थे और जयंती मनाने के विषय में चर्च की शुरुआत हुई थी की इसी बीच नरेश लहरे नाम का एक सतनामी लड़का जो दारु पीकर बैठक में आया था और वह जयंती मनाने की बात न करते हुए बैठक में उपस्थित सभी लोगो के समक्ष पत्रकार भूपेन्द्र लहरे को जान से मारने की धमकी दी गई,धमकी देने का कारण यह था कि पत्रकार भूपेन्द्र लहरे ने उक्त ब्यक्ति नरेश लहरे के पिता के शराब बेचने वाले कृत्य का अपने चैनल में खबर प्रकाशन किया था बीते बरसात के पहले बस इसी बात को लेकर पत्रकार के ऊपर द्वेष रखता आ रहा था और इसी द्वेष के कारण नरेश लहरे ने पत्रकार भूपेन्द्र लहरे को गन्दी गन्दी गाली गलौज देते हुए जान से मारने की धमकी तक दे डाला और कहीं मिला तो जान से मार दूंगा बोला गया है,जिससे डरकर पत्रकार ने उक्त बैठक से भागकर अपनी जान बचाया अन्यथा उक्त शराब कोचिये नरेश लहरे द्वारा पत्रकार को मारने के लिये दौड़ाया गया था जिसे समस्त सतनामी जो बैठक में मौजूद थे उन्होंने देखा और सुना सारे विवाद को सभी ने उक्त दोषी शराब कोचिये को समझाने का प्रयास किये मगर उक्त ब्यक्ति उन सभी की बात नही सुनते हुए पत्रकार को जान से मारने की धमकी देता रहा इस स्थिति को देखते हुए पत्रकार वहाँ से अपनी जान बचाकर अपने घर आ गया,क्योंकि इसी तरह पत्रकार को उसी ब्यक्ति के भतीजे संदीप लहरे आदि लोगो ने पूर्व में पत्रकार को खबर प्रकाशन को लेकर जानलेवा हमला कर दिया था जिससे पत्रकार बाल बाल बचे थे उधर पूर्व में अवैध रेत खनन करने वालो पर खबर लगाने के नाम पर पत्रकार पर रेत माफिया ओ ने जानलेवा हमला किया था जिसका केस न्यायलय में चल रहा है और अब शराब कोचिये द्वारा फिर पत्रकार को धमकी दी जा रही है जान से मारने के लिये क्या जन हित में कार्य करने वाले पत्रकार पर इस तरह बार - बार हमला होते रहेंगे और पुलिस अधिकारी मौन तमाशा देखते रहेंगे,क्या जन हित में कार्य करने वालो के साथ ऐसा ही होता रहेगा।


अभी दिन को भुतहा सरपंच की हत्या ऐसे ही कर दिया गया है जो जनहित के लिये बेजाकब्जा हटाने का काम कर रहे थे यह मामला ठंडा ही नही हुआ है और रात्रि को पत्रकार भूपेन्द्र लहरे को इस तरह शराब कोचिये नरेश लहरे ने जान से मारने की धमकी दिया है,क्या मालखरौदा पुलिस ऐसे अपराधियो के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करेगी या मात्र तमाशा देखती रहेगी,उक्त घटना आज दिनांक 12 दिसम्बर 2021 दिन रविवार को रात्रि 8:30बजे के लगभग हुआ है,जबकि छोटे रबेली सरपंच की हत्या उसी दिनांक 12/12/21 को दिन दहाड़े किया गया,अब पत्रकार भूपेन्द्र लहरे की जान जोखिम में है,यदि मेरी मृत्यु किसी भी कारण से हुआ तो उसका जिम्मेदार अवैध शराब तस्कर नरेश लहरे और अवैध रेत खनन माफिया जिन लोगो ने मुझ पर जानलेवा हमला किया था वह सभी लोग जिम्मेदार होंगे।


क्या अवैध शराब बेचने वालों और अवैध रेत खनन माफिया पर रोक लगाने के लिए खबर प्रकाशन करना अपराध की श्रेणि में आता है बताएं पुलिस प्रशासन ? 


क्या पत्रकारों की कलम को कुचलने वालो पर कोई कड़ी कार्यवाही नही होना चाहिए ? 


क्या बेजाकब्जा हटाने हवाले जनहितकारी सरपंच की हत्या कर देना 

न्याय संगत है ? 


पूछता है छग का पत्रकार बताएं मालखरौदा थाना प्रभारी और जांजगीर जिला पुलिस टीम ?


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