13 फ़रवरी 2021

याचक नहीं शासक बनने की जुगत कीजिए समाज मजबूत होगा-दीपक मिरी ।


 याचक नहीं शासक बनने की जुगत कीजिए समाज मजबूत होगा-दीपक मिरी ।


भरेवा पुरन कवल पुर जिला कवर्धा में आयोजित सतनामी सम्मेलन में बतौर अतिथि शामिल दीपक मिरी ने कहा कि सतनामी समाज को राजनीतिक ,आर्थिक क्षेत्र में मजबूत बनाने के लिए युवाओं को आगे आने की जरूरत है समाज को विकसित बनाने के लिए राजनीति में युवाओं की भागीदारी आवश्यक है आज तक हम किसी न किसी राजनीति पार्टी के निर्देश पर काम करते है हमको ऐसे समाज का निर्माण करना है जो टिकट बाटने वाला बने हमको किसी राजनीति पार्टी की जरूरत नहीं है बल्कि खुद में सजग और सक्षम बने ताकि राजनीति का दबाव समाज पर न हो बल्कि समाज का दबाव राजनीति पर हो समाज नीति को मजबूती देने की जरूरत है फिर से गुरु बाबा बालक दास जी का सतनामी राज आने में देरी नहीं लगेगी श्री मिरी ने बलिदानी गुरु बालक जी को याद करते हुए बताया कि वो राजा नही थे पर राजा कहलाते थे !राज्य नही थे पर राज करते थे!


   यूँ तो इतिहास में तलवार की धार और विरासत में कितने ही शख्सियतों के राजा बनने और राज्य छिनने का इतिहास हम सबने पढ़ा और सुना है !लेकिन वे भारत ही नही विश्व के अद्वितीय शख्सियत रहे है जिन्हें बिना विरासत और तलवार की धार के उनके व्यक्तित्व के आधार पर किसी प्रशासक ने "राजा" की पदवी से सुशोभित किया ! हमको याचक नहीं बल्कि शासक बनने की जरूरत है क्योंकि जिसकी सत्ता होती है विद्यालयों के पाठ्यक्रमो में उन्ही का इतिहास पढ़ाया जाता है !


आप कितनी भी मांग अथवा धरना-आंदोलन कर लीजिए, शोषक अपने पुरखों के शोषण का इतिहास ...विद्यालयों में आखिर क्यों पढ़ायेगा भला? गुरु बाबा अगम दास जी जिन्होंने सतनामी को सतनामी कहलाने का अधिकार दिलाया संविधान सभा में आरक्षण को लागू करवाया आज उनके नाम का एक स्कूल कालेज तक नहीं न ही किसी चौक चौराहा में कोई स्टेचू तक नहीं है 


अपने पुरखों के संघर्ष और विजय की गाथा विद्यालयों में पढ़ाने की कामना अथवा अपेक्षा करते है तो याचक नही शासक बनने/बनाने की जुगत कीजिये क्योंकि -


जो शासक होते है उन्हें मांगने की जरूरत नही होती अपने और अपने समुदाय के हितार्थ हर नीति का निर्माण और उसका क्रियान्वयन करा लेते है !


आजादी के पिछले 73 सालों से जिन्हें आप सत्तासीन करते रहे है उनसे याचना ही तो करते आये है !यदि याचना से हर मांग की पूर्ति होती तो इतने बरसों बाद भी मांगने की जरूरत ही नही होती! इस लिए मांगने वाला नहीं बल्कि देने वाला समाज बनाना है 


इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक नुमान टाइगर ,श्री हरीश  पंडाल  सतनाम पुनर्जागरण मिशन एवं टीम डॉक्टर  पार्वती कुर्रे ,श्री हीरो जांगड़े श्री  सतीश देहरे प्रदेश सचिव श्री साकेत जांगड़े श्री राम किशुन डहरिया अमित बंजारे, सुरेन्द्र बंजारे ,पंकज मिरी,गजेन्द्र रातरे आदि लोग उपस्थित रहे।


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