मालखरौदा बीएमओ डॉक्टर कत्यायनी की नेताओ से साठगांठ ज्यादा इस कारण इतने गलती मिलने के वावजूद अभी तक सीएसी से निलंबित नही हुई।
कौन दे रहा है इनको सरक्षण ,उच्च न्यायालय की अवमानना तक कर चुकी है,अब फिर एक मामला उजागर हो रहा है अपने निजी मेडिकल स्टोर में सरकारी पर्ची का उपयोग किया जा रहा है।
आम जनता से लेकर क्षेत्रीय विधायक भी परास्त है मालखरौदा बीएमओ डॉक्टर कत्यायनी सिंह से।
मालखरौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बीएमओ अपने निजी मेडिकल स्टोर से दवाइयां लेने के लिए मरीजों को मजबूर कर रही है साथ ही अपने अधीनस्थ डॉक्टर को भी अपने ही निजी मेडिकल स्टोर से दवाई लिखने और खरीदवाने की सिफारिश कर रही है । मिली जानकारी के अनुसार मालखरौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बीएमओ डॉक्टर कात्यानी ने अपना एक यूनिक नाम से निजी मेडिकल स्टोर खोला है जिसमें मालखरौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आने वाले मरीजों को यूनिक मेडिकल स्टोर से दवाई लेने के लिए मजबूर करती है । इसके साथ ही अपने अधीनस्थ डाक्टर्स को भी उन्होंने अपने मेडिकल स्टोर के नाम से लेटर पेड बना कर दिया हुआ है जिसमें उन्हें दवाइयां लिखने के लिए दबाव बना रही हैं जिससे वे मरीज डाक्टर कात्यायनी के मेडिकल स्टोर यूनिक मेडिकल स्टोर से दवाइयाँ ले और उनके आमदनी में और अधिक इजाफा हो सके । एक मरीज ने नाम न छापने की शर्त पर दवाई की पर्ची दिखाते हुए बताया कि डॉक्टर कात्यानी ने मालखरौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को अपने मेडिकल स्टोर यूनिक मेडिकल स्टोर से दवाई लेने के लिए मजबूर कर रही है । वह ऐसे दवाइयां लिख रही है जो केवल यूनिक मेडिकल स्टोर में मिलती हैं और साथ ही साथ वहां के अन्य डॉक्टर भी यूनिक मेडिकल स्टोर से ही दवाई लेने के लिए मरीजों पर दबाव बना रहे है । इसके साथ ही बताया जा रहा है कि डॉक्टर कात्यानी एम वे नाम के अंतरराष्ट्रीय कंपनी से जुडी़ हुई हैं । सभी जानते हैं कि एम वे के उत्पाद कितने महंगे होते हैं फिर भी मरीजों को एम वे के उत्पादों को लेने के लिए मजबूर किया जाता है ।
एम वे उत्पाद तीन गुना मँहगे
विदित हो कि एम वे के उत्पाद सामान्य उत्पादों की तुलना में 3 गुना महंगे होते हैं जो सामान्य वर्ग का आदमी वहन नहीं कर पाता है । निश्चित रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आने वाला व्यक्ति निम्न वर्ग से होगा और ऐसे लोगों पर पैसे का अतिरिक्त बोझ डालना उनके साथ अन्याय होगा , परंतु डॉक्टर कात्यानी सिंह को गरीबों की जेब पर पड़ने वाले बोझ से कोई मतलब नहीं है । उन्हें केवल अपने ही कमाई से मतलब है ।
एमवे के महंगे महंगे उत्पादों को दवाई के रूप में लिख कर देना और उनके द्वारा मोटी कमाई करना , यह उनके लिए धर्म बन गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी असहाय
मुख्य चिकित्सा अधिकारी जांजगीर उनके मनमाने रवैए पर मौन है परंतु ऐसा नहीं है कि उन्हें कुछ पता ना हो परंतु उनके हाई प्रोफाइल संबंधों की वजह से उन पर कोई कार्यवाही नहीं कर पा रहे हैं । बताया जा रहा है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी जांजगीर जिला चिकित्सालय में केवल 1 महीने के मेहमान हैं अर्थात वे अब सेवा निर्वृत्त होने जा रहे हैं । इसके बाद नए मुख्य चिकित्सा अधिकारी आने वाले हैं ।अब आने वाले समय में देखा जाएगा कि मालखरौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का क्या होता है ।



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