14 अप्रैल 2020


जय भीम साथियों
*ग्राम भातमहुल में सादगी के साथ मनाई गई बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर  की 129 जयंती ।
14 अप्रैल 2020 को लॉकडाउन को ध्यान में रखकर *भीम आर्मी युवती/ महिला छत्तीसगढ़ के जिलाध्यक्ष श्रीमती संतोषी रात्रेर, उनके पति श्री शिवचरण रात्रे, पुत्री कीर्ति , पुत्र हिमांशु, दुष्यंत और सहयोगी भूषण कुमार ने अपने घर पर  दिया जला कर और बाबासाहेब के छायाचित्र पर फूल माला पहनाकर उनके संघर्षों को याद किया ।
संविधान के प्रस्तावना  को पढ़कर नागरिकों  दिए गए संवैधानिक अधिकारों को बताया गया । कहा गया  कि लोग  तो अपने पास  जो कुछ रहता है उसे अपने बेटा , भतीजा , बेटी या करीबी रिश्तेदारों  देते हैं । लेकिन बाबासाहेब ने  तो पूरे देश के नागरिकों को अपना बना लिया और ऎसा अनमोल रत्न हमें दे दिया जिसे हमारे पुरखों ने भी नहीं दे पाया ।  जो रत्न संविधान है ।
साथियों संविधान हमारी ऎसी पूंजी है जिससे हमारे जीवन  की हर पहलू जुड़ी हुई है । हमें सम्मान के साथ जीवन जीने के लिए न तो मंदिर की जरूरत न majhid की जरूरत है । हमें तो जीवन में खरा उतरने के लिए संविधान पड़ने कि जरूरत है , यदि देश का हर नागरिक संविधान का ज्ञान अर्जन कर लेगा उसी दिन हमारा (भारत) सामाजिक आर्थिक और राजनैतिक रूप से परिपक्व हो जाएगा । दुनिया का पहला लोकतंत्र बन जाएगा । लेकिन दुख के साथ कहना पड़ता है कि , संविधान तो वे  लोग भी  नहीं पढ़ पाते  जो देश के उचे पदो पर आसीन हैं ।  तो नागरिक  को क्या कहें । हमारे देश में आज भी आधी जनसंख्या अशिक्षित हैं। इसका कारण है :- अंधविश्वास, रूढ़िवादी, परंपरागत भेदभाव यही आडंबर हमारे देश में लगभग 4000 वर्षों से राजकर रही है और तब तक करती रहेगी जब तक हमें संविधान का सही ज्ञान अर्जित नहीं हो जाता ।
बाबासहेब ने हमें कोई मंत्र नहीं दिया जिसे रटकर हम विकास के शिखर पर पहुंच जाए यदि किसी व्यक्ति या किसी देश का विकास होता  तो आज  से हजारों वर्ष पूर्व हमारा देश एक विकसित देश बन गया होता ।
साथियों! आप से मेरा निवेदन है कि आप लोगों को संविधान पड़ने  आवश्यकता  है । यदि हम संविधान नहीं पढ़ेंगे तो अपने नागरिक अधिकारों को कैसे जान पाएंगे ।
यदि अधिकार को नहीं जानेंगे तो अच्छे नागरिक कैसे बन पाएंगे अगर नागरिक जागरूक नहीं होंगे तो अच्छे लोकतंत्र की कल्पना करना संभव नहीं है इसलिए हमें संविधान पढ़ना अति आवश्यक है । सरकार  को भी ऎसे कदम उठाना चाहिए जिससे सभी नागरिक अपने संवैधानिक अधिकार और कर्तव्य को समझ सके । इसके लिए शासन से जनता की अेक्षायें इस प्रकार है :
1) एक संविधान चैनल चलावे ,
2) संविधान पर फिल्म निर्माण करावें
3) संविधान को क्लास आठवीं  से अनिवार्य विषय के रुप में पाठ्यक्रम में  शामिल किया जाए ।
4) देश के प्रत्येक परिवार को संविधान की पुस्तक नि:शुल्क प्रदान किया जावे ।

।         संतोषी रात्रे
जिलाध्यक्ष भीम आर्मी युवती/महिला (छ. ग.)
जिला जांजगीर चांपा

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