03 मार्च 2021

हकीकत या फसाना ...राजनीतिक षड्यंत्र के हो रहे बेगुनाह ग्रामीण शिकार ...


 हकीकत या फसाना ...राजनीतिक षड्यंत्र के हो रहे बेगुनाह ग्रामीण शिकार ...




जांजगीर चांपा- वैसे तो जिले में न जाने कितने झूठे शिकायतों के आधार पर बेगुनाह सलाखों के पीछे चले जाते हैं हालांकि अंत में न्यायालय से उन्हें न्याय जरूर मिलता है लेकिन उस न्याय मिलने के बीच उन्हें मानसिक शारीरिक और आर्थिक पीड़ित होते हैं .ग्रामीण जनप्रतिनिधियों को इसलिए चुनते हैं कि जनप्रतिनिधि उनके उज्जवल भविष्य के लिए उनके प्रतिनिधित्व करें लेकिन अगर जिम्मेदार जनप्रतिनिधि ही अपने गांव के ग्रामीणों को लगातार झूठे मामले में फंसा कर उन्हें प्रताड़ित करने के लिए फरकस प्रयास करें तो आखिर कौन क्या कर सकता है.



ऐसा ही ताजा मामला जिले के हसौद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत भातमाहुल का है. जहां सरपंच और पूर्व सरपंच पद प्रत्याशी के बीच आपसी चुनावी लड़ाई के चलते वहां के ग्रामीण भी परेशान हो रहे हैं. पूर्व में मतगणना के दौरान हुए विवाद उसके बाद बैठक में उपसरपंच के ऊपर एट्रोसिटी एक्ट एससी एसटी एक्ट के तहत शिकायत जिसके बाद सरपंच पुत्र पर कथित हत्या के लिए दिए गए  सुपारी मामले में आज पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा मामले में पुलिस के पास ना तो पर्याप्त सबूत ना ही पर्याप्त जांच लेकिन सत्ता पक्ष के सरपंच पुत्र होने और सत्ता पक्ष के युवा नेता होने के कारण  उनकी बात को पुलिस काटे तो काटे कैसे क्योंकि सरकारी सिस्टम भी तो सत्ता पक्ष के लोग ही चला रहे हैं.



पुलिस की कार्यवाही पर उठ रहे सवाल


मौजूदा हालात को देखते हुए पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि सरपंच पुत्र से शिकायत करने पर पुलिस एक तरफा ग्रामीणों के ऊपर लगातार कार्यवाही तो कर रहे हैं उन्हें लगातार जेल भी भेज रहे हैं हालांकि न्यायालय ने उन्हें जमानत पर उन्हें राहत तो जरूर मिलता है लेकिन कुछ दिनों बाद वही ढाक के तीन पात यहां पर चल रहा है मामले में आरोपी बनाए गए महिलाओं को पुलिस देर रात उनके घर से थाना लाया जाता है जिन महिलाओं के ऊपर आरोप लगा है उन महिलाओं को यह भी नहीं पता कि उनके ऊपर आखिर क्या ऐसा आरोप है जिसके लिए पुलिस को उन्हें देर रात उनके घर से थाने में लाना पड़ा.



मामले की गूंज विधानसभा तक


वैसे इस मामले की गूंज आज जैजैपुर विधायक केशव चंद्रा ने सदन में उठाई उनका कहना है कि बिना जांच पुलिस आधी रात को महिलाओं को थाने पूछताछ के लिए लाते हैं पर उन्हें थाने में बिठा दिया जाता है महिलाओं को इस बात की जानकारी नहीं होती कि उनके ऊपर आरोप क्या लगा है उन्हें किस अपराध के लिए थाने पुलिस वालों ने लाया है .



सरपंच पुत्र द्वारा जिला अध्यक्ष लेटर पैड का दुरुपयोग मामला


आपको बता दें कि सरपंच पुत्र द्वारा पूर्व में कांग्रेस जिला अध्यक्ष के लेटर पैड का दुरुपयोग का मामला भी सामने आया था जहां फर्जी रूप से लेटर पैड का इस्तेमाल करते हुए अपने पंचायत में काम लाने के लिए मंत्री महोदय को पत्र लिखा गया था हालांकि पार्टी के कार्यकर्ता होने के नाते उन्हें माफ तो जरूर किया गया लेकिन जो फर्जी रूप से जालसाजी कर सरकार को चूना लगाने की तैयारी में हो उस से भला सच्चाई की क्या उम्मीद की जा सकती है.




बहरहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और कथित सुपारी किलिंग वाले मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है लेकिन इन सब में एक बात तो साफ है जहां पुलिस बिना जांच के ग्रामीणों को सलाखों के अंदर भेज रहे हैं वहां की पुलिसिया व्यवस्था पर क्या उम्मीद की जा सकती है ऐसा नहीं है कि यह मामला पहली बार है ऐसे मामले जिले में आपको कई बार देखने को मिल जायेंगे.

भातमाहूल सरपंच भगवान चंद्रा के बेटे विजय चंद्रा को जान से मारने के लिए 10 लाख की सुपारी देने का मामला हसौद  थाने में दर्ज किया गया । मुख्य आरोपी रणबीर कश्यप पत्रकार सत्य ज्ञान समागम ने सिविल कोर्ट से बाहर निकल कर पत्रकारों को बताया कि यह.सब मैने कांग्रेस नेताओं तथा हसौद पुलिस के दबाव मे कहा है ।  हसौद पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सरपंच भगवान चंद्रा के पुत्र विजय चंद्रा को जान से मारने दस लाख की सुपारी

उपसरपंच राजकुमारी चंद्रा , पूर्व सरपंच प्रत्याशी भरत चंद्रा श्याम चंद्रा , सुशीला यादव , गोविंद चंद्रा केशव चंद्रा , समेलाल तथा शोभित राम ने मिलकर दी थी । भातमाहुल सरप़ंच पुत्र  विजय चंद्रा को मरवाने की साजिश उपसरपंच और.उसके साथियों ने की परंतु मुख्य आरोपी रणधीर कश्यप  ने मीडिया के सामने.हसौद के सत्ताधारी दल के तीन बडें नेताओं और हसौद पुलिस के द्वारा दबाव पूर्वक बयान देने की बात कहकर तूफान खडा कर दिया है.। पुलिस के अनुसार उपसरपंच तथा उसके साथियों ने साजिश रची तथा आरोपी रणबीर कश्यप को एडवांस ₹5 लाख दिया तथा मारने के बाद ₹5 लाख और देने की बात कही । इस पर आरोपी रणबीर कश्यप ने यह बात सरपंच पुत्र  विजय को बतायी और उसे 2 दिन तक छुपने के लिए कहा जिससे सुपारी देने वाले उपसरपंच तथा उसके साथियों को यह लगे कि सुपारी किलर के द्वारा विजय चंद्र कुमार दिया गया है और वह बाकी की राशि ले सके और जिससे यह साजिश साबित हो सके । विजय चंद्रा के अनुसार , यह बात विजय चंद्रा नेें पुलिस को बताई और फिर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए रात को 2:00 बजे मुख्य  आरोपी सहित सभी आरोपियों को उनके घर ग्राम भारतमाहूल से उठा लिया और आज उन पर अपराध क्रमांक 30 / 12040 धारा 120 बी 387 ,115 ,34 लगाकर न्यायिक रिमांड पर ले लिया गया है । 


मीडिया के सामने बयान बदला


 मुख्य आरोपी रणबीर कश्यप ने  मीडिया के सामने  स्पष्ट कहा है कि  मैंने यह सारा बयान  कांग्रेस के 3 बड़े नेताओं  कुशल कश्यप  तथा हसौद पुलिस के दबाव में दिया है । मुझे  इन सभी आरोपियों की फोटो  दिखाकर  पहचान करने के लिए कहा गया था  और  बरामद किए गए रुपए  मुझे विजय चंद्रा ने दिए थे  ।


हसौद पुलिस का शर्मनाक चेहरा 


मुख्य आरोपी रणधीर कश्यप ने हसौद पुलिस का शर्मनाक और घिनौना चेहरा उघाडकर रख दिया है । हसौद पुलिस पर उंगली उठाते हुए आरोपी ने कहां है कि  मुझे हसौद पुलिस का  अत्यधिक दबाव था  जिसके कारण मै थाने में  कुछ नहीं बोल पाया  और  जैसा हसौद पुलिस और विजय चंद्रा ने मुझे सिखाया था वही मैंने कहा । 


जान को खतरा  


रणबीर कश्यप  ने  मीडिया के सामने   बयान देते हुए यह डर भी जताया कि  हो सकता है मेरी जान को खतरा हो  लेकिन मेरी जान जाए तो जाए  परंतु निर्दोष  भातमाहुल के दो महिलाओं सहित 10 ग्रामीणों को सजा नहीं. होनी चाहिए , उनकी जान  बचनी चाहिए । मैंने यह पूरा बयान  विजय चंद्रा और कांग्रेस के 3 नेताओं सुरेन्द्र भार्गव , सरप़ंच पुत्र विजय चंद्रा , कुशल कश्यप तथा गोपाल सत्पथी के दबाव में  दिया है ।


जज के सामने भी 

पुलिस का दबाव  


 आरोपी रणधीर कश्यप को  सिविल कोर्ट में हसौद पुलिस द्वारा  जज के सामने नहीं जाने दिया गया । साक्ष्यदर्शियों के अनुसार  सिविल कोर्ट में  हसौद पुलिस कर्मियों के द्वारा आरोपी  रणबीर कश्यप को  जज के सामने  बोलने का मौका नहीं दिया गया । आरोपी को सिविल कोर्ट मे जज.से दूर ही रखा गया था । पुलिस द्वारा कहा गया कि  आपके वकील जज साहब  से बात करेंगे । आरोपी का कहना था कि  यह बात मैं जज के सामने भी कहना चाहता था परंतु पुलिस वालों ने मुझे रोक रखा था।


 यह मामला सदन में गूंजा 


जैजैपुर विधायक केशव चंद्रा ने इस मामले को विधानसभा में उठाया है । जैजैपुर विधायक केशव चंद्रा का कहना है कि उपसरपंच राजकुमारी चंद्रा तथा ग्राम भातमाहूल  की महिला सुशीला यादव को रात्रि 12:00 बजे घर से क्यों उठाया गया । बिना उनके परिजनों को अपराध बताएं उन्हें क्यों थाने लाया गया। उन्होंने सत्ता पक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता पक्ष में बैठे लोग यह सब कर रहे हैं । मुख्य आरोपी रणबीर कश्यप ने कहा की इसके पहले मेरा कोई भी क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है ।.यह मेरे से बाई मिस्टेक हुआ है ।


 पुलिस का शर्मनाक चेहरा


 मुख्य आरोपी रणबीर कश्यप के मीडिया को दिए गए बयान के अनुसार हसौद पुलिस इस मामले के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है । इस बयान से हसौद पुलिस का शर्मनाक चेहरा लोगों के सामने आता है कि कैसे पुलिस नेताओं के दबाव में किसी भी निर्दोष व्यक्ति को फंसाती है और उसे जीवन भर के लिए मरने या सजा.भोगने  के लिए छोड़ देती है।


पीडित विजय चंद्रा का कथनT


पीडित विजय चंद्रा का कहना है कि चुनावी रंजिश के कारण मेरे खिलाफ साजिश रची गयी है । पिछले एक माह सै मे मेरा पीछा किया जा रहा था मैं जहां जहां भी जाता था लोग मेरा पीछा करते थे और मुझे रणबीर कश्यप ने 2 दिन पहले यह बात मुझे बताइए और भेजें


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